लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने राजधानी में स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल विकास को बढ़ावा देने के लिए ‘जीरो वेस्ट कॉलोनी’ मॉडल को अपनाने पर जोर दिया है। दक्षिण दिल्ली के नवजीवन विहार में संचालित इस मॉडल का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने अधिकारियों को इसे अन्य कॉलोनियों में भी लागू करने के निर्देश दिए।
नवजीवन विहार की इस पहल में घरों से निकलने वाले कचरे का स्रोत स्तर पर पृथक्करण, जैविक कचरे का स्थानीय स्तर पर कंपोस्टिंग और पुनर्चक्रण योग्य सामग्री का पुनः उपयोग सुनिश्चित किया जाता है। इस मॉडल के माध्यम से पिछले कई वर्षों में बड़ी मात्रा में कचरे को लैंडफिल साइटों तक पहुंचने से रोका गया है।
एलजी संधू ने कहा कि केवल सरकारी प्रयासों से स्वच्छता और टिकाऊ कचरा प्रबंधन का लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता। इसके लिए नागरिकों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (RWA) और स्थानीय निकायों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कचरे को संसाधन में बदलने की दिशा में सामुदायिक भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने नगर निगम को निर्देश दिए कि आर्थिक रूप से कमजोर और अनधिकृत कॉलोनियों में भी ऐसे मॉडल विकसित करने की संभावनाएं तलाश की जाएं। इसके लिए कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड और अन्य संसाधनों के उपयोग पर भी विचार करने को कहा गया है।
दिल्ली में बढ़ते कचरे और लैंडफिल स्थलों की समस्या को देखते हुए प्रशासन विकेंद्रीकृत कचरा प्रबंधन प्रणाली को बढ़ावा दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ‘जीरो वेस्ट कॉलोनी’ मॉडल का व्यापक विस्तार किया जाता है तो इससे राजधानी में कचरा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में बड़ा बदलाव संभव है।