लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
पटना: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि आपातकाल के दौर में बिहार ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा कि उस समय राज्य से उठे आंदोलन ने देशभर में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए नई ऊर्जा पैदा की।
उन्होंने बिहार के योगदान को याद करते हुए कहा कि आपातकाल के दौरान यहां से शुरू हुआ संघर्ष एक बड़े जनआंदोलन के रूप में सामने आया। उस दौर में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में बिहार लोकतांत्रिक विरोध का प्रमुख केंद्र बना था।
सीपी राधाकृष्णन ने आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक महत्वपूर्ण दौर बताते हुए कहा कि इस समय संवैधानिक मूल्यों और नागरिक स्वतंत्रताओं की परीक्षा हुई थी। उन्होंने लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के महत्व पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि इतिहास से सीख लेते हुए लोकतंत्र की रक्षा के लिए सभी को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। बिहार की भूमिका को याद करते हुए उन्होंने आंदोलन से जुड़े लोगों के योगदान को भी सराहा।