लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में प्रस्तावित 11 किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर प्रोजेक्ट को लेकर नई बहस छिड़ गई है। करीब 1300 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के वित्तपोषण के लिए स्थानीय निवासियों से योगदान लेने के सुझाव ने लोगों का ध्यान खींचा है।
रिपोर्ट के अनुसार, शहरी विकास और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए वैकल्पिक फंडिंग मॉडल पर विचार किया जा रहा है। इसी क्रम में उन क्षेत्रों के निवासियों से आंशिक लागत वसूलने का प्रस्ताव सामने आया है, जिन्हें इस परियोजना से सीधे लाभ मिलने की संभावना है।
हालांकि, इस विचार का स्थानीय स्तर पर विरोध भी शुरू हो गया है। कई नागरिक समूहों का कहना है कि सार्वजनिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का खर्च सरकार और संबंधित एजेंसियों को उठाना चाहिए, न कि आम नागरिकों को। उनका तर्क है कि लोग पहले से ही विभिन्न करों और शुल्कों का भुगतान करते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बढ़ते शहरों में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए नए वित्तीय मॉडल तलाशे जा रहे हैं, लेकिन ऐसे प्रस्तावों को लागू करने से पहले व्यापक जनपरामर्श और स्पष्ट नीति की आवश्यकता होती है।
फिलहाल यह प्रस्ताव चर्चा के स्तर पर है और संबंधित अधिकारियों की ओर से अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और स्पष्टता सामने आने की संभावना है।