अंजली गुप्ता
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
जम्मू, 21 फ़रवरी (हि.स.)। जम्मू जोन के पुलिस महानिरीक्षक Bhim Sen Tuti ने प्रौद्योगिकी आधारित अपराधों में हो रही वृद्धि को गंभीर चुनौती बताते हुए जांच अधिकारियों के लिए तकनीकी और कानूनी रूप से सशक्त होने की आवश्यकता पर जोर दिया।
जम्मू में आयोजित एक प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों की जटिलता लगातार बढ़ रही है, ऐसे में जांच अधिकारियों को डिजिटल साक्ष्यों के संग्रहण, संरक्षण और प्रस्तुतीकरण की विधियों में पारंगत होना होगा। उन्होंने डिजिटल साक्ष्यों की अभिरक्षा श्रृंखला बनाए रखने और स्थापित प्रक्रियाओं के अनुरूप जब्ती कार्रवाई करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि न्यायालय में साक्ष्य टिक सकें।
आईजीपी ने भारतीय सुरक्षा अधिनियम, 2023 के प्रासंगिक प्रावधानों, विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक अभिलेखों की स्वीकार्यता और साक्ष्य मूल्य से जुड़े पहलुओं को समझने पर भी जोर दिया। जम्मू जिला पुलिस लाइंस के सम्मेलन कक्ष में साइबर जांच और मोबाइल फोरेंसिक्स विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारी और जम्मू जोन के विभिन्न जिलों से आए पुलिसकर्मी उपस्थित रहे।