हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शिमला में चल रहे बजट सत्र

अधिकारियों की कार्यप्रणाली का मुद्दा उठा

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शिमला में चल रहे बजट सत्र

विधानसभा में कांग्रेस विधायक की नाराज़गी, बोले अधिकारी फोन नहीं उठाते

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शिमला में चल रहे बजट सत्र

विधानसभा में कांग्रेस विधायक की नाराज़गी, बोले अधिकारी फोन नहीं उठाते | LNI.one

पिंकी कुमारी 
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया 

शिमला,हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शिमला में चल रहे बजट सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान अधिकारियों की कार्यप्रणाली का मुद्दा उठा। गगरेट से सत्तारूढ़ कांग्रेस विधायक राकेश कालिया ने अधिकारियों पर फोन न उठाने और जनहित के कामों में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। इस पर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने मामले को गंभीर बताते हुए विधायक से लिखित शिकायत देने को कहा और आश्वासन दिया कि विधानसभा इस पर संज्ञान लेगी।

प्रश्नकाल के दौरान विधायक राकेश कालिया ने अपने विधानसभा क्षेत्र से जुड़े सवाल उठाते हुए पूछा था कि उनके गगरेट विधानसभा क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मरवाड़ी के भवन निर्माण के लिए भूमि का चयन किया गया है या नहीं और निर्माण कार्य कब तक शुरू होगा। संबंधित मंत्री ने इस पर विभागीय जानकारी देते हुए जवाब दिया, लेकिन पूरक प्रश्न के दौरान विधायक ने अधिकारियों के व्यवहार पर नाराजगी जताई।

राकेश कालिया ने कहा कि क्षेत्र के विकास कार्यों को लेकर वे लगातार अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश करते हैं, लेकिन कई बार अधिकारी उनका फोन तक नहीं उठाते। उन्होंने कहा कि यदि अधिकारियों का रवैया इसी तरह बना रहा तो वे सख्त रुख अपनाने को मजबूर होंगे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर काम नहीं हुआ तो वे स्थानीय लोगों के साथ अधिकारियों का घेराव करेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री से भी आग्रह किया कि अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के फोन सुनने और काम समय पर करने के सख्त निर्देश दिए जाएं।

विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने विधायक की बात को गंभीर बताते हुए कहा कि विधायक इस संबंध में लिखित शिकायत दें, जिससे विधानसभा स्तर पर उचित कार्रवाई के लिए संज्ञान लिया जा सके।

गौरतलब है कि हाल के दिनों में राज्य में अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक स्तर पर लगातार बयान सामने आ रहे हैं। कुछ दिन पहले कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा था कि प्रदेश में तैनात कुछ बाहरी राज्यों के आईएएस और आईपीएस अधिकारी हिमाचलियत की भावना के अनुरूप काम नहीं कर रहे हैं और समय रहते इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है। इससे पहले मंडी में सरकार के तीन साल पूरे होने के कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने भी कहा था कि कुछ अधिकारी सरकार के खिलाफ साजिश रच रहे हैं और ऐसे मामलों से सख्ती से निपटा जाएगा।

इसी क्रम में हाल ही में एक अन्य कैबिनेट मंत्री यादविंदर गोमा ने मंडी के उपायुक्त व आईएएस अधिकारी पर गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के दौरान मंत्री के प्रोटोकॉल की अवहेलना करने का आरोप लगाते हुए विधानसभा को शिकायत भेजी थी। इस मामले में विधानसभा ने संबंधित पक्ष से जवाब भी तलब किया है।

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