अंजली गुप्ता
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
गांधीनगर, 20 फरवरी। गुजरात में गर्मी की दस्तक के बीच मौसम ने अचानक करवट ले ली है। शुक्रवार सुबह पंचमहल जिले के गोधरा शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में अचानक बादल छा गए और बेमौसम बारिश शुरू हो गई। बारिश के चलते सुबह के तापमान में गिरावट दर्ज की गई और मौसम ठंडा व सुहावना हो गया, लेकिन इस बदलाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। सिर्फ पंचमहल ही नहीं, बल्कि सूरत और वडोदरा में भी मौसम ने अप्रत्याशित रूप से रुख बदला। सुबह हल्की फुहारों से शुरू हुई बारिश कुछ इलाकों में तेज हो गई। कई स्थानों पर जलभराव जैसी स्थिति बन गई, जिससे यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
पिछले कुछ दिनों से राज्य में मौसम का मिजाज असामान्य बना हुआ है। पंचमहल जिले में एक ही दिन में सर्दी और गर्मी दोनों का एहसास हो रहा है। सुबह ठंडी हवाओं और बादलों की वजह से ठंडक रहती है, जबकि दोपहर में धूप निकलने पर तापमान तेजी से बढ़ जाता है। इस उतार-चढ़ाव का असर जनजीवन के साथ-साथ कृषि गतिविधियों पर भी पड़ रहा है।
रबी फसल पर असर की आशंका
बेमौसम बारिश से किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि रबी फसलों की कटाई का समय नजदीक है। खेतों में तैयार गेहूं और चने की फसल को बारिश से नुकसान होने की आशंका है। अधिक नमी के कारण दानों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है और कटाई में देरी भी संभव है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौसम में यही अनिश्चितता बनी रही तो फसलों में कीट और रोगों का प्रकोप बढ़ सकता है। तापमान और नमी में अचानक बदलाव से वायरल संक्रमण, सर्दी-खांसी और मौसमी बीमारियों के मामले भी बढ़ सकते हैं।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार राज्य में फिलहाल वेस्टर्न डिस्टर्बेंस, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ जैसी तीन मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। इन प्रणालियों के प्रभाव से कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और अन्य स्थानों पर बादल छाए रहने की संभावना है। अगले कुछ दिनों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। उत्तर-पश्चिमी हवाओं की गति भी सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है। हालांकि 24 फरवरी के बाद मौसम के मुख्य रूप से शुष्क रहने और तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि होने की संभावना जताई गई है।
राज्य में मौसम के इस अचानक बदलाव ने जहां आम लोगों को अस्थायी राहत दी है, वहीं किसानों के लिए यह चिंता का कारण बन गया है। अब सभी की नजर आगामी दिनों के मौसम पर टिकी हुई है।