लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
Bhojshala में शुक्रवार को ऐतिहासिक और भावनात्मक माहौल देखने को मिला। करीब 721 साल बाद शुक्रवार के दिन यहां विशेष पूजा-अर्चना, अखंड अनुष्ठान और महाआरती आयोजित की गई। पूरे परिसर में मां वाग्देवी के जयकारे गूंजते रहे और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
भोजशाला लंबे समय से विवाद और कानूनी प्रक्रिया का केंद्र रही है। हाल के न्यायिक घटनाक्रम और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के बाद शुक्रवार को यहां विशेष धार्मिक आयोजन संभव हो पाया। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी।
पूजा कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, हवन और महाआरती का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताते हुए खुशी जाहिर की। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने परिसर और आसपास के इलाके में कड़े इंतजाम किए थे।
भोजशाला को लेकर वर्षों से हिंदू और मुस्लिम पक्षों के बीच विवाद चला आ रहा है। हिंदू पक्ष इसे मां वाग्देवी का प्राचीन मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद से जुड़ा धार्मिक स्थल बताता है। मामला अदालतों में भी सुनवाई के दायरे में रहा है।
शुक्रवार के इस आयोजन के बाद एक बार फिर भोजशाला राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पूरे कार्यक्रम के दौरान माहौल शांतिपूर्ण और धार्मिक आस्था से भरा रहा।