लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
Chhattisgarh में शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत मिलने वाली प्रतिपूर्ति राशि बढ़ाने की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने प्रदेशभर के निजी स्कूलों को बंद रखने का फैसला लिया है।
एसोसिएशन का कहना है कि वर्ष 2011 के बाद से प्रतिपूर्ति राशि में कोई संशोधन नहीं किया गया है, जबकि महंगाई और स्कूल संचालन की लागत में लगातार वृद्धि हुई है। ऐसे में स्कूलों पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है।
प्रदर्शन कर रहे संचालकों और शिक्षकों की मांग है कि आरटीई की धारा 12(2) के तहत निर्धारित प्रतिपूर्ति राशि को वर्तमान खर्चों के अनुरूप संशोधित किया जाए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, वे आरटीई के तहत बच्चों को प्रवेश नहीं देंगे।
वहीं, स्कूल शिक्षा मंत्री Gajendra Yadav ने कहा है कि राज्य सरकार अन्य राज्यों की तुलना में पहले से ही बेहतर प्रतिपूर्ति राशि दे रही है।
आंदोलन के तहत 17 अप्रैल को निजी स्कूलों के शिक्षकों और संचालकों ने काली पट्टी बांधकर प्रतीकात्मक विरोध जताया। इसके बाद संगठन ने शनिवार को प्रदेशभर में स्कूल बंद रखने का ऐलान किया, जिससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
इसी बीच बढ़ती गर्मी को देखते हुए राज्य सरकार ने 20 अप्रैल 2026 से सभी स्कूलों में समय से पहले गर्मी की छुट्टियों की घोषणा भी कर दी है।