लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
क्रिकेट इतिहास में 1977 का साल सबसे बड़े बदलावों में गिना जाता है। इसी साल ऑस्ट्रेलियाई मीडिया कारोबारी Kerry Packer ने ‘World Series Cricket’ शुरू कर पूरी क्रिकेट दुनिया में हलचल मचा दी थी। उस दौर में इसे ‘Packer Circus’ कहा गया, क्योंकि ICC और कई क्रिकेट बोर्ड इसे क्रिकेट के लिए खतरा मान रहे थे।
दरअसल, केरी पैकर अपने चैनल के लिए क्रिकेट के टीवी प्रसारण अधिकार चाहते थे, लेकिन Cricket Australia ने यह डील किसी और नेटवर्क को दे दी। इसके बाद पैकर ने दुनिया के कई स्टार खिलाड़ियों को भारी रकम देकर अपनी अलग क्रिकेट लीग शुरू कर दी।
इस लीग में Australia, England, West Indies और Pakistan समेत कई देशों के दिग्गज खिलाड़ी शामिल हुए। Tony Greig, Viv Richards, Dennis Lillee, Greg Chappell और Imran Khan जैसे खिलाड़ियों ने पैकर के साथ करार किया। उस समय खिलाड़ियों को मिलने वाली रकम पारंपरिक क्रिकेट से कई गुना ज्यादा थी।
World Series Cricket ने क्रिकेट की तस्वीर ही बदल दी। रंगीन जर्सी, सफेद गेंद, डे-नाइट मैच, ब्लैक साइट स्क्रीन और टीवी फ्रेंडली कैमरा एंगल पहली बार बड़े स्तर पर इस्तेमाल किए गए। बाद में यही चीजें आधुनिक ODI और T20 क्रिकेट की पहचान बन गईं।
शुरुआत में ICC और क्रिकेट बोर्ड्स ने इस लीग का विरोध किया। कई खिलाड़ियों पर बैन तक लगाया गया, लेकिन दर्शकों के बीच इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी। आखिरकार क्रिकेट बोर्ड्स को पैकर मॉडल स्वीकार करना पड़ा और टीवी ब्रॉडकास्टिंग से क्रिकेट की कमाई का नया दौर शुरू हुआ।
विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर केरी पैकर का प्रयोग नहीं होता तो आज का आधुनिक, ग्लैमरस और हाई-प्रोफाइल क्रिकेट शायद इस रूप में देखने को नहीं मिलता। IPL और दूसरी T20 लीग्स की नींव भी कहीं न कहीं उसी क्रांति से जुड़ी मानी जाती है।