लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
नई दिल्ली: भारतीय ड्रेसेज (घुड़सवारी) टीम के चयन को लेकर चल रहे विवाद में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान नया घटनाक्रम सामने आया। न्यायमूर्ति के. वी. विश्वनाथन ने मामले की सुनवाई से स्वयं को अलग (रिक्यूज़) कर लिया। इसके बाद मामले को भारत के मुख्य न्यायाधीश के निर्देशानुसार उपयुक्त पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने का आदेश दिया गया।
यह मामला दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ दायर याचिका से जुड़ा है, जिसमें भारतीय ड्रेसेज टीम के चयन में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया गया था। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि चयन प्रक्रिया में निर्धारित मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया और उन्हें अंतिम टीम में शामिल नहीं किया गया।
दिल्ली हाईकोर्ट ने हालांकि चयन प्रक्रिया में कुछ कमियों का उल्लेख किया था, लेकिन एशियाई खेलों के लिए खिलाड़ियों के नाम भेजने की समय-सीमा को देखते हुए चयन सूची में बदलाव से इनकार कर दिया था। अदालत का मानना था कि इस स्तर पर हस्तक्षेप करना भारतीय टीम के हित में नहीं होगा।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति के. वी. विश्वनाथन के स्वयं को अलग करने के बाद याचिकाकर्ता की ओर से मामले का शीघ्र उल्लेख किया गया। इसके बाद वरिष्ठ उपलब्ध पीठ ने मामले को जल्द सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने की अनुमति दी। अब इस याचिका पर नई पीठ सुनवाई करेगी।
यह मामला 2026 एशियाई खेलों के लिए भारतीय ड्रेसेज टीम के चयन से जुड़ा है। अंतिम निर्णय से यह स्पष्ट होगा कि चयन प्रक्रिया में किसी प्रकार का हस्तक्षेप होगा या मौजूदा चयन सूची ही बरकरार रहेगी।