लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में भारत की हार के बाद भारतीय बल्लेबाज़ों की रणनीति पर बहस तेज हो गई है। क्रिकेट विशेषज्ञों का कहना है कि कई बल्लेबाज़ों ने परिस्थितियों के अनुसार खेलने के बजाय शुरुआत से ही बड़े शॉट लगाने की कोशिश की, जिससे टीम को लगातार विकेट गंवाने पड़े।
सीरीज के दौरान कई मुकाबलों में भारतीय बल्लेबाज़ तेज शुरुआत तो करते दिखे, लेकिन बड़ी साझेदारियां बनाने में नाकाम रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में हर परिस्थिति में आईपीएल जैसी आक्रामक बल्लेबाज़ी सफल नहीं होती और मैच की स्थिति के अनुसार खेल में बदलाव जरूरी होता है।
पूर्व खिलाड़ियों का कहना है कि इंग्लैंड के गेंदबाज़ों ने भारतीय बल्लेबाज़ों की कमजोरियों का पूरा फायदा उठाया। तेज गेंदबाज़ी, शॉर्ट गेंदों और अनुशासित लाइन-लेंथ के सामने भारतीय बल्लेबाज़ कई बार दबाव में दिखाई दिए, जिसका असर पूरी सीरीज पर पड़ा।
हालांकि क्रिकेट विश्लेषकों का यह भी मानना है कि आईपीएल युवा खिलाड़ियों को आत्मविश्वास और अनुभव देता है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता के लिए तकनीक, धैर्य और परिस्थितियों के अनुरूप बल्लेबाज़ी करना उतना ही महत्वपूर्ण है। टीम इंडिया अब आगामी मुकाबलों में इन कमियों को दूर करने की कोशिश करेगी।