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भारत ने 2036 ओलंपिक मेजबानी प्रक्रिया पर जताया भरोसा, कहा- पूरी तरह तैयार और आत्मविश्वासी

भारत ने 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए बदली गई चयन प्रक्रिया पर भरोसा जताते हुए कहा कि वह तैयार और आत्मविश्वासी है। आईओसी के साथ बातचीत जारी है।

By : Local News of India
भारत ने 2036 ओलंपिक मेजबानी प्रक्रिया पर जताया भरोसा, कहा- पूरी तरह तैयार और आत्मविश्वासी

लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया 
ऋचा बर्नवाल 

भारत ने अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) की ओर से 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए अपनाई गई संशोधित चयन प्रक्रिया पर भरोसा जताते हुए कहा है कि देश पूरी तरह तैयार और आत्मविश्वासी है। भारतीय पक्ष ने स्पष्ट किया है कि वह इस नई प्रक्रिया के हर चरण में सक्रिय रूप से भाग लेकर अपनी दावेदारी को मजबूत करेगा।

जानकारी के अनुसार, भारत ने वर्ष 2024 में औपचारिक रूप से 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए अहमदाबाद को संभावित शहर बताते हुए इच्छा पत्र (Letter of Intent) सौंपा था। इसके बाद आईओसी ने 2025 में चयन प्रक्रिया की समीक्षा के लिए इसे अस्थायी रूप से रोक दिया था और नई रूपरेखा तैयार की गई। अब संशोधित प्रक्रिया को हाल ही में मंजूरी मिलने के बाद भारत की उम्मीदों को नई दिशा मिली है।

नई प्रक्रिया में आईओसी ने “स्ट्रैटेजिक डायलॉग” नामक एक अतिरिक्त चरण जोड़ा है, जिसमें इच्छुक देशों को वित्तीय गारंटी, परियोजना समयसीमा और बुनियादी ढांचे की योजनाओं को विस्तार से प्रस्तुत करना होगा। इसके बाद 2027 से अगला चरण शुरू होगा और 2029 तक मेजबान देश का चयन पूरा होने की संभावना है।

भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) और केंद्र सरकार मिलकर इस पूरी प्रक्रिया में भारत की दावेदारी को आगे बढ़ा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, भारत विभिन्न माध्यमों से आईओसी के साथ संवाद स्थापित कर अपनी तैयारियों और क्षमताओं को प्रस्तुत कर रहा है। सरकार का मानना है कि देश में तेजी से विकसित हो रहा खेल ढांचा, अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन और बुनियादी सुविधाएं भारत को मजबूत उम्मीदवार बनाती हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि 2036 ओलंपिक की मेजबानी भारत के लिए न केवल खेलों के क्षेत्र में, बल्कि आर्थिक, पर्यटन और वैश्विक छवि के लिहाज से भी बड़ा अवसर साबित हो सकती है। अहमदाबाद सहित अन्य शहरों में बड़े स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की संभावनाएं भी इससे जुड़ी हैं।

अब सभी की निगाहें आईओसी की आगे की प्रक्रिया पर टिकी हैं, जहां भारत अपनी दावेदारी को और मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहा है।

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