लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
नई दिल्ली में राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और उससे उत्पन्न वैश्विक संकट पर विस्तार से चर्चा की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मिडिल-ईस्ट का युद्ध पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि इससे पेट्रोल, डीजल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। भारत सरकार ईरान, इज़रायल, अमेरिका समेत सभी संबंधित देशों के संपर्क में है और शांति बहाली के लिए संवाद व कूटनीति (dialogue & diplomacy) के रास्ते पर काम कर रही है।
पीएम मोदी ने बताया कि हॉर्मुज स्ट्रेट जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों पर प्रभाव पड़ा है, जिससे तेल और गैस की वैश्विक आपूर्ति बाधित हो रही है। उन्होंने कहा कि वहां कई जहाजों में भारतीय क्रू मेंबर भी फंसे हैं, जो चिंता का विषय है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार है और सरकार ऊर्जा आपूर्ति को संतुलित बनाए रखने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार एलपीजी के साथ-साथ पीएनजी पर भी जोर दे रही है ताकि ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत विकसित किए जा सकें।
साथ ही प्रधानमंत्री ने राज्य सरकारों से अपील करते हुए कहा कि प्रवासी मजदूरों का विशेष ध्यान रखा जाए, क्योंकि संकट के समय सबसे अधिक प्रभावित वही होते हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर और प्रभावी ढंग से इन तक पहुंचना चाहिए