गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
UN में नेतन्याहू का Starlink वाला संदेश
संयुक्त राष्ट्र महासभा में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान को लेकर बड़ा संदेश दिया। 24 सितंबर को UNGA के 81वें सत्र में भाषण के दौरान नेतन्याहू ने हाथ में Starlink का इंटरनेट टर्मिनल उठाया और कहा कि यह ईरान के लोगों को इंटरनेट के जरिए अपनी बात रखने में मदद कर सकता है। Starlink, एलॉन मस्क की SpaceX की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा है।
नेतन्याहू ने कहा कि वह यह Starlink डिवाइस UN अधिकारियों के पास छोड़ रहे हैं, ताकि इसे ईरानी प्रतिनिधिमंडल तक पहुंचाया जा सके। उनके मुताबिक, अगर ईरानी अधिकारी भविष्य में सरकार से अलग होते हैं, तो वे सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात दुनिया तक पहुंचा सकेंगे। यह बयान उन्होंने ईरान की सरकार पर इंटरनेट और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को प्रतिबंधित करने के आरोपों के संदर्भ में दिया।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। इसके बाद इजरायल के UN राजदूत डैनी डैनन ने भी एक ईरानी राजनयिक को वही Starlink डिवाइस देने की कोशिश की। डैनन ने कहा कि यह ईरान के लोगों को आजादी हासिल करने में मदद कर सकता है और इसे तेहरान ले जाने की पेशकश की। हालांकि, ईरानी राजनयिक ने डिवाइस लेने में कोई रुचि नहीं दिखाई और बातचीत से दूर रहे।
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे अहम कनेक्शन एलॉन मस्क से है। Starlink SpaceX की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा है और इसका इस्तेमाल इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के लिए किया जाता है। नेतन्याहू ने UN में इसी तकनीक को ईरानी लोगों तक स्वतंत्र इंटरनेट पहुंचाने के प्रतीक के तौर पर पेश किया।
नेतन्याहू का UN भाषण काफी विवादित और टकरावपूर्ण भी रहा। उनके भाषण के दौरान कई देशों के प्रतिनिधि हॉल से बाहर चले गए। उन्होंने ईरान, कतर और तुर्की की आलोचना की और ईरान के भविष्य को लेकर कहा कि वहां के लोगों की ताकत सत्ता पर काबिज लोगों से ज्यादा होगी।
यानी एक तरफ UN में नेतन्याहू ने ईरान के लोगों के लिए Starlink छोड़ने की बात कही, तो दूसरी तरफ उनके UN राजदूत ने सीधे ईरानी राजनयिक को Starlink सौंपने की कोशिश की। और इसी वजह से इस पूरे घटनाक्रम में एलॉन मस्क की Starlink सेवा का नाम भी सामने आया।