लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
नई दिल्ली: संसद की संयुक्त संसदीय समिति (JPC) 130वें संविधान संशोधन विधेयक को लेकर अंतिम रिपोर्ट तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। सूत्रों के अनुसार समिति उस विवादित प्रावधान को बरकरार रखने के पक्ष में है, जिसके तहत यदि कोई प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री गंभीर आपराधिक मामले में गिरफ्तार होकर 30 दिन तक हिरासत में रहता है तो उसे पद से हटाया जा सकता है।
यह प्रावधान “स्वचालित निष्कासन” की अवधारणा पर आधारित है, जिसके अनुसार 31वें दिन तक हिरासत जारी रहने पर संबंधित व्यक्ति का पद स्वतः समाप्त हो जाएगा। सरकार का तर्क है कि इससे सार्वजनिक पद की शुचिता बनी रहेगी और गंभीर आरोपों का सामना कर रहे लोग लंबे समय तक कार्यपालिका में नहीं रह सकेंगे।
हालांकि विपक्षी दलों ने इस प्रस्ताव पर कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि यह कानून दोषसिद्धि से पहले ही किसी निर्वाचित प्रतिनिधि को पद से हटाने का रास्ता खोल सकता है, जिससे राजनीतिक दुरुपयोग की आशंका बढ़ जाती है। कई सांसदों ने इसे “न्याय के सिद्धांत” के खिलाफ बताया है और दुरुपयोग रोकने के लिए मजबूत सुरक्षा उपायों की मांग की है।
समिति 17 जुलाई को अपनी रिपोर्ट अपनाने की तैयारी में है, जिसके बाद यह विधेयक संसद के आगामी मानसून सत्र में पेश किया जा सकता है।