लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
नई दिल्ली: भारत और जापान के बीच हुए उच्च स्तरीय शिखर सम्मेलन को विदेश मंत्रालय (MEA) ने बेहद सफल बताया है। मंत्रालय के अनुसार यह बैठक दोनों देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है।
इस मौके पर दोनों देशों ने घोषणा की कि वर्ष 2027 में भारत और जापान के राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में पूरे साल विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसे “Year of Shared Horizons” के रूप में मनाने की तैयारी की जा रही है, जिसमें सांस्कृतिक आदान-प्रदान, युवा सहभागिता और आर्थिक सहयोग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस शिखर सम्मेलन में दोनों देशों ने भविष्य की साझेदारी को और व्यापक बनाने पर सहमति जताई। इसमें निवेश, तकनीक, ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
सूत्रों के मुताबिक, भारत और जापान ने यह भी स्वीकार किया कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में आपसी सहयोग पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। दोनों देशों ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और विकास को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
MEA ने कहा कि 2027 के लिए प्रस्तावित कार्यक्रमों में युवाओं की भागीदारी को विशेष महत्व दिया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों को और बेहतर तरीके से समझ सकें। इसके साथ ही सांस्कृतिक, शैक्षणिक और आर्थिक साझेदारी को भी नई दिशा देने की योजना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और जापान के बीच यह बढ़ता सहयोग न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर दोनों देशों की रणनीतिक भूमिका को भी और प्रभावी बनाएगा।