लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
जिले में नशीले पदार्थों की रोकथाम और उनके दुष्प्रभावों से समाज को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से बुधवार को जिला स्तरीय समन्वय समिति (एनसीओआरडी) की बैठक कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर जन्मेजय महोबे और प्रभारी पुलिस अधीक्षक निवेदिता पाल ने की।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ गोकुल रावटे, अपर कलेक्टर ज्ञानेन्द्र सिंह ठाकुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कश्यप सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने जिले में नशामुक्ति के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। विद्यालयों और महाविद्यालयों में सेमिनार, पोस्टर और रैली के माध्यम से विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया।
साथ ही निर्देश दिया गया कि स्कूल और कॉलेज परिसरों के आसपास शराब और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री एवं सेवन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। नशे की लत से प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण विभाग को समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया गया कि नशे से जुड़े आरोपियों और पीड़ितों की मेडिकल जांच एवं उपचार की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा एनडीपीएस एक्ट की धारा 52(2) के तहत जब्त नशीले पदार्थों के साथ संबंधित वाहनों की भी जब्ती सुनिश्चित करने को कहा गया।
अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि वे नशे से जुड़ी किसी भी गतिविधि की सूचना राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन नंबर 1933 पर दें। मानस पोर्टल और ई-प्लेज प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नशे के खिलाफ अभियान को और तेज किया जाएगा और अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही समाज को नशामुक्त बनाने के लिए जनभागीदारी को बेहद जरूरी बताया गया है।