गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान के बीच संभावित दूसरे दौर की वार्ता की चर्चाओं के बीच अमेरिका ने एक बार फिर ईरान पर दबाव बढ़ा दिया है। यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, अमेरिकी नौसेना के गाइडेड-मिसाइल डेस्ट्रॉयर USS Rafael (DDG-115) ने 24 अप्रैल को ईरानी झंडे वाले एक जहाज को इंटरसेप्ट किया, जो ईरान के एक पोर्ट की ओर बढ़ रहा था। उसे बीच रास्ते में रोक दिया गया।
अमेरिका ने अप्रैल की शुरुआत से ही ईरान के पोर्ट्स के खिलाफ नेवल ब्लॉकेड लागू कर रखा है। इसका उद्देश्य ईरान के व्यापार और खासकर तेल निर्यात को सीमित करना है। इसी रणनीति के तहत अब तक कई जहाजों को रोका जा चुका है या वापस लौटने को मजबूर किया गया है। Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, एशियाई जलक्षेत्र में कम से कम तीन ईरानी टैंकरों को भी इंटरसेप्ट किया गया था।
इस ब्लॉकेड का सबसे बड़ा असर होर्मुज स्ट्रेट पर दिखाई दे रहा है, जहां से दुनिया की लगभग 20% तेल और LNG सप्लाई गुजरती है। हालात इतने तनावपूर्ण हैं कि पिछले 24 घंटों में यहां से केवल पांच जहाज गुजर पाए, जबकि सामान्य दिनों में यह संख्या लगभग 140 प्रतिदिन होती थी।
इधर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची इस्लामाबाद पहुंच रहे हैं, जहां पाकिस्तान की मध्यस्थता में अमेरिका-ईरान वार्ता की संभावनाएं फिर से बन रही हैं। हालांकि, अमेरिकी कार्रवाई के बाद तनाव और बढ़ गया है। ईरान ने पहले ही ऐसे कदमों पर “कड़ी प्रतिक्रिया” की चेतावनी दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट पर स्थिति और बिगड़ती है, तो कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आ सकता है, जिसका सीधा असर भारत समेत पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।