मनिहारी | मनिहारी क्षेत्र के ग्राम सभा शाहपुर शमशेर खान के वीर सपूत हरिकेश यादव के सीमा पर शहीद होने की खबर से पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई है। देश की रक्षा करते हुए उन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर सर्वोच्च बलिदान दिया। जहां एक ओर क्षेत्र में गहरा दुख है, वहीं लोगों को अपने वीर सपूत की शहादत पर गर्व भी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हरिकेश यादव ड्यूटी के दौरान देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए। जैसे ही उनके शहीद होने की सूचना गांव और आसपास के क्षेत्रों में पहुंची, लोगों की आंखें नम हो गईं। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों के अनुसार हरिकेश यादव बचपन से ही साहसी, मिलनसार और देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत थे। सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करना उनका सपना था, जिसे उन्होंने अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया था। उसी कर्तव्य पथ पर चलते हुए उन्होंने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देकर पूरे क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है।
बताया जा रहा है कि शहीद हरिकेश यादव का पार्थिव शरीर मंगलवार, 10 मार्च 2026 की सुबह उनके पैतृक गांव शाहपुर शमशेर खान पहुंचेगा। गांव पहुंचने पर सेना के जवानों द्वारा पूरे सैन्य सम्मान के साथ उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, पुलिस प्रशासन और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहेंगे।
पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। गांव में जगह-जगह शोक का माहौल है और लोग नम आंखों से अपने वीर सपूत को याद कर रहे हैं। अंतिम विदाई के समय हजारों लोगों के जुटने की संभावना जताई जा रही है।
ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि शहीद हरिकेश यादव की स्मृति में गांव में एक स्मारक बनाया जाए और उनके परिवार को हर संभव सहायता एवं सम्मान दिया जाए। पूरे क्षेत्र में एक ही स्वर गूंज रहा है—
“जब तक सूरज चांद रहेगा, हरिकेश तेरा नाम रहेगा।”