अंजली गुप्ता
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
मुंबई, 9 मार्च।
मशहूर संगीतकार एआर रहमान के हालिया बयान के बाद बॉलीवुड में नई बहस छिड़ गई है। रहमान ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा था कि अब हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें पहले की तरह काम के ऑफर नहीं मिलते और इसके पीछे कहीं न कहीं सांप्रदायिक सोच भी जिम्मेदार हो सकती है।
रहमान के इस बयान पर अब गायक और संगीतकार सलीम मर्चेंट ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि बॉलीवुड में काम धर्म देखकर नहीं दिया जाता और हर कलाकार का अनुभव अलग हो सकता है।
आईएएनएस से बातचीत में सलीम मर्चेंट ने कहा कि वह एआर रहमान का बहुत सम्मान करते हैं और उनके अनुभव को पूरी तरह नकारा नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि किसी कलाकार को अपने करियर में अलग तरह के अनुभव हो सकते हैं, लेकिन पूरी फिल्म इंडस्ट्री को एक ही नजर से देखना सही नहीं होगा।
सलीम मर्चेंट ने कहा कि उनके व्यक्तिगत अनुभव में कभी ऐसा नहीं लगा कि बॉलीवुड में सांप्रदायिक आधार पर भेदभाव होता है। उन्होंने कहा कि उनके करियर में कभी उनका धर्म उनके काम के आड़े नहीं आया।
उन्होंने आगे कहा कि अगर एआर रहमान को भारतीय सिनेमा की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ के लिए संगीत तैयार करने का मौका मिल रहा है, तो यह कहना मुश्किल है कि उनके साथ किसी तरह का भेदभाव किया जा रहा है।
सलीम मर्चेंट के अनुसार, ‘रामायण’ एक हिंदू पौराणिक कथा पर आधारित फिल्म है और उसमें रहमान को संगीत देने के लिए चुना जाना इस बात का संकेत है कि फिल्म इंडस्ट्री उनके टैलेंट और काम का सम्मान करती है।