लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
दिलजीत दोसांझ अभिनीत फिल्म 'सतलुज' को OTT प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के बाद पंजाब के कई गांवों में इसकी सामुदायिक स्क्रीनिंग की जा रही है। गांवों में प्रोजेक्टर और बड़ी स्क्रीन लगाकर लोग एक साथ फिल्म देख रहे हैं। कई स्थानों पर इन आयोजनों में स्थानीय क्लब, सामाजिक संगठन और गुरुद्वारों से जुड़े लोग भी सहयोग कर रहे हैं।
फिल्म में अहम भूमिका निभाने वाले अभिनेता सुविंदर विक्की ने कहा कि गांवों में लोग इन स्क्रीनिंग को "सेवा" की तरह देख रहे हैं। उनके अनुसार, दर्शकों का मानना है कि यह फिल्म अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचनी चाहिए और इसी सोच के साथ लोग स्वयं इसके प्रदर्शन का इंतजाम कर रहे हैं।
कई ग्रामीणों का कहना है कि फिल्म उनके इतिहास और सामाजिक अनुभवों से जुड़े एक महत्वपूर्ण दौर को सामने लाती है। उनका मानना है कि नई पीढ़ी को ऐसे विषयों से परिचित कराने के लिए सामुदायिक स्क्रीनिंग उपयोगी है। यही वजह है कि गांवों में बड़ी संख्या में लोग परिवार और समुदाय के साथ मिलकर फिल्म देख रहे हैं।
इस बीच, शिरोमणि अकाली दल ने भी पंजाब के अधिक से अधिक गांवों में फिल्म की स्क्रीनिंग कराने की घोषणा की है। वहीं, फिल्म को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस भी जारी है। OTT से हटाए जाने के बावजूद 'सतलुज' को मिल रहा जनसमर्थन इसे लगातार चर्चा में बनाए हुए है।