लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
उत्तर प्रदेश की राजनीति में आज बड़ा दिन माना जा रहा है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah और BJP के प्रदेश प्रभारी Nitin Nabin के साथ हुई अहम बैठक के बाद अब मंत्रियों के विभागों का बंटवारा किया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, हालिया कैबिनेट विस्तार के बाद पार्टी अब सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए मंत्रालयों की जिम्मेदारी तय कर रही है। BJP नेतृत्व की कोशिश है कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले संगठन और सरकार दोनों स्तर पर मजबूत संदेश दिया जाए।
दिल्ली में हुई बैठक को काफी अहम माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि इसमें जातीय समीकरण, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और सरकार की कार्यशैली जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। खास तौर पर पिछड़े वर्ग, दलित और युवा चेहरों को लेकर पार्टी रणनीति बना रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विभागों का बंटवारा सिर्फ प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि चुनावी तैयारी का हिस्सा भी है। जिन नेताओं को अहम मंत्रालय मिलेंगे, उन्हें आगामी चुनाव में पार्टी के प्रमुख चेहरे के तौर पर देखा जा सकता है।
वहीं विपक्ष इस फेरबदल को BJP की “डैमेज कंट्रोल राजनीति” बता रहा है। समाजवादी पार्टी का कहना है कि 2024 लोकसभा चुनाव में जनता ने संकेत दे दिया था और अब BJP सामाजिक समीकरण सुधारने की कोशिश कर रही है।
सरकार की तरफ से अभी आधिकारिक सूची जारी नहीं हुई है, लेकिन माना जा रहा है कि गृह, वित्त, लोक निर्माण, ऊर्जा और ग्रामीण विकास जैसे प्रमुख विभागों को लेकर आखिरी दौर की चर्चा चल रही है।