अंजली गुप्ता
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
जम्मू, 20 फरवरी। सरकार ने विधानसभा को बताया कि जम्मू-कश्मीर में National Health Mission (एनएचएम) के तहत कार्यरत कर्मचारी संविदा आधार पर नियुक्त हैं और उन्हें स्वीकृत सरकारी मानदंडों के अनुसार एकमुश्त मानदेय दिया जाता है।
विधायक सुरिंदर कुमार के प्रश्न के उत्तर में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सकीना इतू ने कहा कि एनएचएम कर्मियों का मानदेय नियुक्ति वर्ष के अनुसार तय होता है और इसमें 5 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि का प्रावधान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये कर्मचारी नियमित सरकारी सेवक नहीं हैं, बल्कि संविदा आधार पर कार्यरत हैं।
मंत्री ने बताया कि एनएचएम कर्मियों का वेतन Ministry of Health and Family Welfare और केंद्र शासित प्रदेश सरकार द्वारा 90:10 के अनुपात में वित्त पोषित किया जाता है।
उन्होंने कहा कि एनएचएम कर्मचारी अंशदायी कल्याण कोष के दायरे में आते हैं। इस कोष के तहत मृत्यु, स्थायी या अस्थायी विकलांगता और चिकित्सा आपात स्थितियों में आर्थिक सहायता दी जाती है।
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मृत्यु की स्थिति में 10 लाख रुपये
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स्थायी विकलांगता पर 5 लाख रुपये
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अस्थायी विकलांगता पर 2 लाख रुपये
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सरकारी या सूचीबद्ध अस्पतालों में भर्ती के दौरान, यदि उपचार पीएमजेए-सेहत योजना के अंतर्गत नहीं है, तो 3 लाख रुपये तक की सहायता
मंत्री ने यह भी बताया कि एनएचएम कर्मचारियों की सेवा शर्तें भारत सरकार द्वारा जारी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार लागू हैं और इनमें बदलाव होने तक वही प्रभावी रहेंगी।