लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती जिलों में बकरीद से पहले लोगों की बढ़ती आवाजाही ने राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। उत्तर 24 परगना, मुर्शिदाबाद और मालदा जैसे इलाकों से ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोग सीमा पार जाने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं।
इन तस्वीरों को लेकर भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार पर अवैध घुसपैठ को लेकर सवाल उठाए हैं। Suvendu Adhikari और Dilip Ghosh समेत कई नेताओं ने दावा किया कि बांग्लादेशी घुसपैठियों की “घर वापसी” हो रही है।
हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है कि सीमा पार करने वाले सभी लोग अवैध घुसपैठिए थे। अधिकारियों का कहना है कि त्योहारों के दौरान वैध दस्तावेजों के साथ सीमापार आवाजाही बढ़ना सामान्य बात भी हो सकती है।
Border Security Force (BSF) ने सीमा चौकियों पर निगरानी बढ़ा दी है। कई इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और दस्तावेजों की जांच सख्ती से की जा रही है।
राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी TMC ने भाजपा पर मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि बिना आधिकारिक जांच के लोगों को “घुसपैठिया” कहना गलत और भ्रामक हो सकता है।
सीमा सुरक्षा और अवैध प्रवास का मुद्दा पश्चिम बंगाल की राजनीति में लंबे समय से संवेदनशील रहा है। हर चुनाव के दौरान यह बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता रहा है, खासकर सीमावर्ती जिलों में।
फिलहाल प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सीमा पर गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।