लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के के.डी. सिंह बाबू स्टेडियम में आयोजित सांसद खेल महाकुम्भ में सोमवार को देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने खेलों को लेकर सरकार की पहल और उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया अभियान ने देश के पारंपरिक खेलों जैसे गटका, मल्लखंब, थांग-टा, कलरीपयट्टू और योगासन को नई पहचान दी है। इन खेलों को बढ़ावा देने के लिए खिलाड़ियों को स्कॉलरशिप भी प्रदान की जा रही है।
रक्षामंत्री ने बताया कि देशभर में करीब 1000 खेलो इंडिया सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं और लगभग दो दर्जन नेशनल सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस भी खोले गए हैं, जहां खिलाड़ियों को आधुनिक ट्रेनिंग और स्पोर्ट्स साइंस का सहयोग मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में अब खेल को एक विषय के रूप में शामिल किया गया है, जिससे खेलों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही मेरठ में मेजर ध्यान चंद खेल विश्वविद्यालय जैसे संस्थान इस दिशा में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि खेलो इंडिया प्रोग्राम का एक बड़ा सकारात्मक असर महिलाओं की भागीदारी में बढ़ोतरी के रूप में सामने आया है। देश के विभिन्न शहरों में खेलो इंडिया वीमेंस लीग का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं हिस्सा ले रही हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में भारत के खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया है, जो देश में खेलों के बढ़ते स्तर और खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को दर्शाता है।
रक्षामंत्री ने बताया कि सरकार ने खेल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर लगभग 5000 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, जिससे अब गांवों तक भी आधुनिक खेल सुविधाएं पहुंच रही हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों का एक नया युग शुरू हुआ है, जो न केवल भारत को खेल महाशक्ति बनाएगा बल्कि समाज के सशक्तिकरण में भी अहम भूमिका निभाएगा।
इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, खेल मंत्री गिरीश यादव, सांसद संजय सेठ, महापौर सुषमा खर्कवाल सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।