अंजली गुप्ता
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
काठमांडू, 27 फरवरी। नेपाल में पिछले वर्ष 8-9 सितंबर को हुए ‘जेनजी आंदोलन’ पर प्रसारित BBC World Service की 41 मिनट की डॉक्यूमेंट्री को लेकर Nepal Police ने कड़ा एतराज़ जताया है। पुलिस ने इसे एकतरफा और भ्रामक बताते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
डॉक्यूमेंट्री में आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और गोलीकांड के लिए तत्कालीन पुलिस महानिरीक्षक चंद्र बहादुर खापुंग को मुख्य जिम्मेदार ठहराने का प्रयास किया गया है। रिपोर्ट में पुलिस ‘कॉलसाइन’ और आंतरिक लॉग का हवाला देते हुए दावा किया गया कि शीर्ष स्तर से गोली चलाने का आदेश दिया गया था।
नेपाल पुलिस का कहना है कि डॉक्यूमेंट्री में इस्तेमाल किए गए संवाद आधिकारिक नहीं हैं और विभिन्न फुटेज के आधार पर संकलित किए गए हैं, जिनकी वैधानिकता संदिग्ध है। पुलिस प्रवक्ता डीआईजी अविनारायण काफ्ले ने कहा कि संगठन पहले ही प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सभी तथ्य सार्वजनिक कर चुका है, इसके बावजूद पुलिस की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया है।
पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन की ओर बढ़ते हुए बैरिकेड तोड़े, दीवार को नुकसान पहुंचाया और गेट में आग लगाने की कोशिश की। स्थिति नियंत्रित करने के लिए पहले आंसू गैस और पानी की बौछार का इस्तेमाल किया गया, लेकिन हालात बिगड़ने पर गोली चलाई गई।
पुलिस ने डॉक्यूमेंट्री के शीर्षक और प्रस्तुति पर भी आपत्ति जताई है, जिसे उसने “सनसनीखेज” और “एकतरफा” करार दिया। संगठन का कहना है कि इससे पूरे पुलिस बल का मनोबल प्रभावित हुआ है। मामले में कानूनी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।