लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
न्यूयॉर्क: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के रोमांचक मुकाबलों के बीच वे भू-राजनीतिक विवाद, जो टूर्नामेंट शुरू होने से पहले सुर्खियों में थे, फिलहाल काफी हद तक शांत पड़ गए हैं। अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको की संयुक्त मेजबानी वाले इस टूर्नामेंट से पहले आव्रजन नीतियों, वीजा प्रतिबंधों, सुरक्षा, ईरान सहित कई देशों से जुड़े राजनीतिक मुद्दों और मेजबान देशों के आपसी संबंधों को लेकर व्यापक चर्चा हो रही थी।
विशेषज्ञों का कहना है कि टूर्नामेंट के सफल आयोजन, रोमांचक मुकाबलों और दुनियाभर के प्रशंसकों के खेल पर केंद्रित रहने से राजनीतिक बहस का असर फिलहाल कम दिखाई दे रहा है। हालांकि, इससे यह नहीं माना जा सकता कि ये मुद्दे समाप्त हो गए हैं। आव्रजन नीतियां, सुरक्षा प्रबंधन, यात्रा प्रतिबंध और अंतरराष्ट्रीय तनाव जैसे विषय अब भी मौजूद हैं और आवश्यकता पड़ने पर फिर चर्चा का केंद्र बन सकते हैं।
विश्लेषकों के अनुसार, बड़े खेल आयोजन अक्सर देशों के बीच मतभेदों को कुछ समय के लिए पीछे छोड़ देते हैं और वैश्विक एकता तथा खेल भावना को प्रमुखता मिलती है। लेकिन टूर्नामेंट समाप्त होने के बाद राजनीतिक और कूटनीतिक मुद्दे फिर से चर्चा में लौट सकते हैं। यही वजह है कि फिलहाल मैदान के भीतर का रोमांच मैदान के बाहर की भू-राजनीतिक बहस पर भारी पड़ता दिखाई दे रहा है।