लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
प्रसिद्ध इंजीनियर, शिक्षा सुधारक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपने समर्थकों से एक दिन की सांकेतिक भूख हड़ताल में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जो लोग उनके पास नहीं आ सकते, वे अपने-अपने शहरों और घरों में रहकर भी एक दिन का उपवास रखकर इस अभियान का समर्थन कर सकते हैं।
वांगचुक ने सोशल मीडिया के माध्यम से जारी संदेश में कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक है। इसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, हिमालयी क्षेत्रों की संवेदनशीलता और लद्दाख से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों की ओर लोगों और सरकार का ध्यान आकर्षित करना है।
उन्होंने समर्थकों से आग्रह किया कि वे उपवास के दौरान अपने क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण का संदेश फैलाएं और सोशल मीडिया पर अभियान से जुड़कर जागरूकता बढ़ाएं। वांगचुक का कहना है कि सामूहिक भागीदारी से यह संदेश अधिक प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचेगा।
सोनम वांगचुक पिछले कुछ समय से लद्दाख में पर्यावरण संरक्षण, संवैधानिक सुरक्षा और स्थानीय लोगों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार आवाज़ उठा रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने एक दिन के इस सांकेतिक उपवास का आह्वान किया है।