लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
आईपीएल में शानदार प्रदर्शन और कप्तानी की सफलता के बाद श्रेयस अय्यर को लेकर उम्मीदें काफी बढ़ गई थीं। लेकिन इंटरनेशनल क्रिकेट की चुनौतियों ने उन्हें यह एहसास करा दिया कि सिर्फ नीलामी में मिली कीमत या फ्रेंचाइजी क्रिकेट की सफलता से टीम इंडिया की कप्तानी आसान नहीं होती।
इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम को लगातार मुश्किलों का सामना करना पड़ा। टी20 सीरीज में हार के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर और टीम मैनेजमेंट पर सवाल उठने लगे। टीम की बल्लेबाजी में निरंतरता की कमी और विदेशी परिस्थितियों में तालमेल बैठाने की चुनौती साफ नजर आई।
आईपीएल में कप्तान के तौर पर श्रेयस अय्यर ने अपनी नेतृत्व क्षमता साबित की है। उन्होंने फ्रेंचाइजी क्रिकेट में दबाव वाले मुकाबलों में टीम को संभाला, लेकिन इंटरनेशनल क्रिकेट में हर मैच के साथ रणनीति, दबाव और प्रदर्शन की परीक्षा अलग स्तर की होती है।
इंग्लैंड के खिलाफ खराब नतीजों के बाद अय्यर ने भी माना कि टीम को परिस्थितियों के हिसाब से बेहतर ढलने की जरूरत है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौर उनके लिए कप्तानी सीखने और मजबूत वापसी करने का मौका हो सकता है।