लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
आज देशभर में श्रद्धा और भक्ति के साथ निर्जला एकादशी मनाई जा रही है। हिंदू धर्म में इसे सबसे महत्वपूर्ण एकादशियों में से एक माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना और व्रत करने से वर्ष भर की सभी एकादशियों के समान पुण्य फल प्राप्त होता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महाभारत काल में भीमसेन ने महर्षि वेदव्यास के कहने पर निर्जला एकादशी का व्रत रखा था। तभी से इस एकादशी को भीमसेनी या पांडव एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन श्रद्धालु भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा कर सुख, समृद्धि और मोक्ष की कामना करते हैं।
मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। श्रद्धालु दान-पुण्य और जरूरतमंदों को जल, फल तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं का वितरण भी कर रहे हैं। धार्मिक विद्वानों के अनुसार निर्जला एकादशी आत्मसंयम, सेवा और भक्ति का संदेश देती है।
इस अवसर पर भगवान विष्णु की आरती, मंत्र जाप और कथा श्रवण का विशेष महत्व माना जाता है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों में पहुंचकर भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।