लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने दलित समाज से अपील की है कि किसी भी घटना के विरोध में प्रदर्शन करते समय कानून और संविधान के दायरे में रहकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखें। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा बताए गए संवैधानिक मार्ग पर चलते हुए न्याय की लड़ाई लड़ना ही सबसे प्रभावी तरीका है।
मायावती ने कहा कि समाज के वंचित और दलित वर्गों को किसी भी प्रकार के उकसावे में आने से बचना चाहिए और अपने अधिकारों के लिए कानूनी प्रक्रिया पर भरोसा रखना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से भी अपेक्षा जताई कि पीड़ितों को समय पर न्याय मिले और दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष एवं कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि विरोध-प्रदर्शन लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन किसी भी स्थिति में हिंसा, तोड़फोड़ या कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले कदम नहीं उठाए जाने चाहिए। बसपा प्रमुख ने कहा कि संविधान और कानून के दायरे में रहकर संघर्ष करने से समाज की आवाज अधिक प्रभावी ढंग से सरकार और प्रशासन तक पहुंचती है।
हाल के घटनाक्रमों के बीच मायावती की यह अपील ऐसे समय आई है जब विभिन्न स्थानों पर दलित समुदाय न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने और संवैधानिक मूल्यों का पालन करने की अपील की।