लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
मुस्कान
यह लेख आर्चना सिन्हा, सीईओ एवं सह-संस्थापक, नौरिशिंग स्कूल्स फाउंडेशन तथा वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ एवं सरकारी सलाहकार डॉ. राज भंडारी द्वारा लिखा गया है।
लेख में बताया गया है कि भारत में बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चुनौतियां केवल कुपोषण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अब मेटाबॉलिक असंतुलन और जीवनशैली से जुड़ी समस्याएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। पारंपरिक रूप से कुपोषण को कम वजन और पोषण की कमी के रूप में देखा जाता रहा है, लेकिन अब स्थिति अधिक जटिल हो गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बदलती जीवनशैली, असंतुलित आहार और शहरीकरण के कारण बच्चों में मोटापा, डायबिटीज के शुरुआती संकेत और अन्य मेटाबॉलिक समस्याएं भी देखने को मिल रही हैं। यह दोहरी चुनौती स्वास्थ्य प्रणाली के लिए नई चिंता का विषय है।
लेख में यह भी जोर दिया गया है कि स्कूल आधारित पोषण कार्यक्रमों, जागरूकता अभियानों और संतुलित आहार को बढ़ावा देकर इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। शुरुआती हस्तक्षेप और सही पोषण नीति बच्चों के भविष्य को स्वस्थ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।