लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
केरल विधानसभा ने विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (FCRA) के नियमों में किए गए संशोधनों को वापस लेने की मांग करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया है। प्रस्ताव में केंद्र सरकार से अपील की गई है कि इन संशोधनों पर पुनर्विचार किया जाए क्योंकि इनका असर गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) और सामाजिक संस्थाओं के कामकाज पर पड़ सकता है।
विधानसभा में पारित प्रस्ताव में कहा गया कि FCRA नियमों में हुए बदलावों से विदेशी सहायता प्राप्त करने वाली कई संस्थाओं को प्रशासनिक और वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। राज्य सरकार का तर्क है कि इससे सामाजिक कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा और राहत कार्यों से जुड़ी अनेक संस्थाओं की गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।
राज्य सरकार ने केंद्र से आग्रह किया कि संबंधित पक्षों से व्यापक चर्चा के बाद ही नियमों में किसी प्रकार का बदलाव किया जाए। साथ ही यह भी कहा गया कि स्वैच्छिक संगठनों के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए उनके कामकाज को अनावश्यक रूप से बाधित नहीं किया जाना चाहिए।
वहीं, केंद्र सरकार का रुख रहा है कि FCRA के प्रावधानों का उद्देश्य विदेशी अंशदान के उपयोग में पारदर्शिता बढ़ाना, जवाबदेही सुनिश्चित करना और नियमों का प्रभावी अनुपालन कराना है।