लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
सिंधुदुर्ग (महाराष्ट्र): महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले से एक भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां गूगल सर्च और एक सामाजिक संस्था की पहल से डेढ़ साल से लापता महिला अपने परिवार से दोबारा मिल सकी। महिला मूल रूप से कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले के कारवार की रहने वाली है और लंबे समय से लापता थी।
जानकारी के अनुसार, महिला फरवरी 2024 में दक्षिण गोवा के वेरना क्षेत्र में बेहद खराब हालत में मिली थी। इसके बाद उसे सिंधुदुर्ग के कुडल तालुका स्थित पांडुर गांव में संचालित सविता आश्रम लाया गया, जहां उसे चिकित्सकीय उपचार, परामर्श और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी देखभाल उपलब्ध कराई गई। धीरे-धीरे उसकी स्थिति में सुधार हुआ और उसे अपने गृह नगर से जुड़ी कुछ जानकारियां याद आने लगीं।
आश्रम के ट्रस्टी ने महिला द्वारा बताई गई सीमित जानकारी के आधार पर गूगल सर्च का सहारा लिया। इंटरनेट पर उपलब्ध सूचनाओं की मदद से उन्होंने संभावित क्षेत्र की पहचान की और कर्नाटक के कारवार सिटी पुलिस स्टेशन से संपर्क किया। जांच के दौरान पता चला कि महिला के परिजनों ने पहले ही उसके लापता होने की रिपोर्ट दर्ज करा रखी थी।
इसके बाद कारवार पुलिस के सहयोग से महिला के भाई और भाभी आश्रम पहुंचे। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद महिला को उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया। लंबे समय बाद अपनों से मिलकर परिवार भावुक हो गया और सामाजिक संस्था के प्रयासों की सराहना की।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि आधुनिक तकनीक और मानवीय संवेदनाओं का सही उपयोग कई बिछड़े लोगों को उनके परिवारों से मिलाने में मददगार साबित हो सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी लापता या असहाय व्यक्ति की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस या संबंधित संस्थाओं को सूचित करें, ताकि उन्हें सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुंचाया जा सके।