लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में पुलिस ने एक फ्रांसीसी महिला और उसके पांच बच्चों को कथित तौर पर वर्षों की कैद और घरेलू हिंसा से मुक्त कराया है। पुलिस के अनुसार 54 वर्षीय सिल्वी यास्मीना को उनके पांच बच्चों के साथ बारा क्षेत्र स्थित एक मकान से बचाया गया।
अधिकारियों ने बताया कि महिला ने आरोप लगाया है कि उसके पति ने उसे और बच्चों को एक दशक से अधिक समय तक घर में बंद रखकर शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना दी। मामले का खुलासा तब हुआ जब उसके एक बेटे ने घर से निकलकर पुलिस तक पहुंचने में सफलता हासिल की और मदद मांगी।
पुलिस ने महिला के पति अहमद खान को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक महिला और बच्चों को सुरक्षा के लिए महिला संरक्षण केंद्र में रखा गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परिवार लंबे समय से सामाजिक संपर्क से दूर था और बच्चों की शिक्षा भी प्रभावित हुई।
महिला ने अधिकारियों से फ्रांस लौटने की इच्छा जताई है। पाकिस्तानी प्रशासन फ्रांसीसी दूतावास और संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर उनकी वापसी की प्रक्रिया पर काम कर रहा है। मानवाधिकार संगठनों ने इस मामले को गंभीर बताते हुए पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता देने की मांग की है।
यह मामला पाकिस्तान में घरेलू हिंसा और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस का विषय बन गया है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि ऐसे मामलों की समय पर पहचान और पीड़ितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।