लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
नई दिल्ली: भारतीय थलसेना के नए प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने देश की सेना के भविष्य को लेकर अपना विस्तृत विजन ‘VIJAY’ प्रस्तुत किया है, जिसका उद्देश्य भारतीय सेना को पूरी तरह तकनीक-संचालित, संयुक्त और भविष्य के युद्धों के लिए तैयार बल में बदलना है।
अपने विजन में जनरल सेठ ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में युद्ध केवल जमीन तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि वे मल्टी-डोमेन होंगे, जिनमें साइबर, स्पेस, इलेक्ट्रॉनिक और सूचना युद्ध भी शामिल होंगे। इसी को ध्यान में रखते हुए सेना को आधुनिक तकनीकों, ड्रोन सिस्टम, नेटवर्क-सेंट्रिक ऑपरेशंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित क्षमताओं से लैस किया जाएगा।
‘VIJAY’ ('विजय') शब्द को उन्होंने पाँच प्रमुख स्तंभों में परिभाषित किया है—Vigilance (सतर्कता), Innovation (नवाचार), Jointness (तीनों सेनाओं का समन्वय), Atmanirbharta (आत्मनिर्भरता) और Yodha First (सैनिक केंद्रित दृष्टिकोण)। इस विजन के तहत सेना में संरचनात्मक और तकनीकी दोनों स्तरों पर बड़े बदलाव किए जा रहे हैं।
जनरल सेठ ने यह भी कहा कि भविष्य की जंगें तेजी से बदलते हालातों में लड़ी जाएंगी, इसलिए सेना को अधिक तेज, हल्की और तकनीकी रूप से सक्षम बनाना जरूरी है। उन्होंने थलसेना, नौसेना और वायुसेना के बीच बेहतर समन्वय को निर्णायक बताया और संयुक्त ऑपरेशंस पर जोर दिया।
इसके अलावा, स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत घरेलू तकनीक पर निर्भरता बढ़ाने की बात भी उनके विजन का अहम हिस्सा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह रणनीति भारतीय सेना को आने वाले दशकों की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।