लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद कस्बे का नाम बदलकर परशुरामपुरी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह फैसला 6 जुलाई 2026 को लिया गया। इसके साथ ही नगर निकाय का नाम भी बदलकर परशुरामपुरी नगर पालिका परिषद किया जाएगा।
जलालाबाद का नाम परिवर्तन लंबे समय से चर्चा में था। स्थानीय स्तर पर नगर निकाय ने वर्ष 2018 और 2023 में नाम बदलने के समर्थन में प्रस्ताव पारित किए थे। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार को यह प्रस्ताव 24 अप्रैल 2025 को प्राप्त हुआ और केंद्र सरकार से अनुमति मांगी गई।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 19 अगस्त 2025 को इस नाम परिवर्तन के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी किया था। इसके बाद राज्य सरकार ने प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए कैबिनेट की मंजूरी दी।
जलालाबाद कस्बे का नाम परशुरामपुरी भगवान परशुराम से जुड़ी स्थानीय मान्यता के आधार पर रखा जा रहा है। हिंदू परंपरा में भगवान परशुराम को भगवान विष्णु का छठा अवतार माना जाता है और मान्यता है कि यह क्षेत्र उनके जन्मस्थान से जुड़ा हुआ है।
भारत में किसी शहर, कस्बे या स्थान का नाम बदलने की प्रक्रिया में राज्य सरकार, केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय की भूमिका होती है। नाम परिवर्तन के बाद सरकारी रिकॉर्ड, नक्शों, डाक व्यवस्था और प्रशासनिक दस्तावेजों में भी बदलाव किए जाते हैं।
उत्तर प्रदेश में इससे पहले भी कई स्थानों के नाम बदले जा चुके हैं। स्थानों के नाम परिवर्तन को लेकर देश में समय-समय पर प्रशासनिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक आधार पर बहस होती रही है।