लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
गुजरात में जल प्रबंधन के क्षेत्र में एक नई तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। राज्य में पहली बार दो एयर-फिल्ड रबर डैम बनाए जा रहे हैं, जो पानी के भंडारण, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण में अहम भूमिका निभाएंगे।
ये दोनों डैम छोटा उदेपुर जिले की हेरण नदी और तापी जिले की अंबिका नदी पर बनाए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं में दक्षिण कोरिया की तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।
एयर-फिल्ड रबर डैम एक लचीली हाइड्रोलिक संरचना होती है, जिसमें रबर ब्लैडर को नदी या नहर के आर-पार लगाया जाता है। इसमें हवा या पानी भरकर जलस्तर बढ़ाया जा सकता है और ज्यादा पानी आने पर इसे खाली कर दिया जाता है, जिससे पानी और गाद का प्रवाह बना रहता है।
छोटा उदेपुर जिले के राजवासना गांव में बन रहे राजवासना रबर डैम की लागत 82.97 करोड़ रुपये से अधिक है। यह परियोजना 25 गांवों की करीब 3,420 हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई में मदद करेगी। जुलाई 2026 तक इसका करीब 75 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और इसे सितंबर 2027 तक शुरू करने का लक्ष्य है।
वहीं तापी जिले के पाठकवाड़ी गांव में बन रहे पाठकवाड़ी रबर डैम की लागत 79.13 करोड़ रुपये से अधिक है। इसका करीब 90 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। यह परियोजना लगभग 650 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए तैयार की जा रही है।
इन डैम परियोजनाओं से किसानों को पानी की बेहतर उपलब्धता मिलेगी और मानसून के दौरान जल प्रबंधन को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। गुजरात का यह कदम आधुनिक जल संरक्षण तकनीकों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।