लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
अमेरिका के फेडरल रिजर्व चेयरमैन Jerome Powell के ताजा फैसले और सख्त संकेतों ने ग्लोबल मार्केट में हलचल मचा दी है, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखा। फेड ने ब्याज दरों को स्थिर रखा, लेकिन महंगाई और तेल कीमतों को लेकर सख्त रुख अपनाया, जिससे निवेशकों की उम्मीदें टूट गईं।
इसी बीच मिडिल ईस्ट तनाव और Donald Trump से जुड़ी भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के चलते कच्चे तेल की कीमतें $120–123 प्रति बैरल तक पहुंच गईं, जिससे बाजार पर दबाव और बढ़ गया।
भारतीय बाजार में इसका सीधा असर दिखा—सेंसेक्स 1000 अंकों से ज्यादा टूट गया और निफ्टी 23,900 के नीचे फिसल गया। सभी सेक्टर्स में बिकवाली देखी गई, खासकर बैंकिंग और मिडकैप शेयरों में भारी गिरावट आई।
विशेषज्ञों का कहना है कि फेड के रुख, बढ़ती तेल कीमतें, कमजोर रुपया और विदेशी निवेशकों की बिकवाली—इन सभी ने मिलकर बाजार में ‘परफेक्ट स्टॉर्म’ बना दिया है, जिससे आगे भी वोलैटिलिटी बनी रह सकती है।