लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
चीन ने एक विवादास्पद दावा करते हुए कहा है कि उसके तटीय क्षेत्रों के आसपास समुद्री कछुओं को कथित तौर पर “स्पाई प्लेटफॉर्म” की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। चीनी सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, कुछ विदेशी नेटवर्क समुद्री जीवों में ट्रैकिंग डिवाइस या सेंसर लगाकर समुद्री सीमा और सैन्य गतिविधियों की जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।
रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ऐसे उपकरण बेहद छोटे और बायो-इंटीग्रेटेड तकनीक से जुड़े हो सकते हैं, जिन्हें सामान्य निगरानी में पकड़ना मुश्किल होता है। हालांकि, इस दावे के समर्थन में कोई स्वतंत्र वैज्ञानिक पुष्टि अभी तक सामने नहीं आई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि समुद्री जीवों पर निगरानी उपकरण लगाने की तकनीक नई नहीं है, लेकिन इसे “जासूसी” के रूप में उपयोग करने के दावे अभी भी संदिग्ध हैं और इनके पीछे राजनीतिक तनाव भी हो सकता है।
इस कथित खुलासे के बाद समुद्री सुरक्षा, जैव-प्रौद्योगिकी और अंतरराष्ट्रीय जासूसी नेटवर्क को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। कई पर्यावरणविदों ने भी चिंता जताई है कि यदि ऐसे प्रयोग हो रहे हैं, तो यह समुद्री जीवन के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।