गौ माता की रक्षा के लिए हर हिन्दू को अब प्रतिबद्ध होना पड़ेगा : शंकराचार्य
नोएडा में ‘धर्मयुद्ध (3 मई – 24 जुलाई 2026)’ अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ‘1008’ का भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और समर्थक मौजूद रहे।
कार्यक्रम में शंकराचार्य ने गौ रक्षा को लेकर कड़ा संदेश देते हुए कहा कि हर हिंदू को अब गौ माता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में लोग तकनीक पर निर्भर हो रहे हैं, लेकिन अपनी मूल संस्कृति और परंपराओं से दूर होते जा रहे हैं।
उन्होंने गौ दूध के महत्व पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि शुद्ध देसी गाय का दूध स्वास्थ्य और मानसिक स्पष्टता के लिए लाभकारी है। उनके अनुसार, यह केवल धार्मिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक और जीवनशैली से जुड़ा विषय है।
शंकराचार्य ने गौ हत्या को लेकर शास्त्रीय संदर्भों का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें कई स्तरों पर जिम्मेदारी तय होती है। उन्होंने दावा किया कि समाज और शासन व्यवस्था दोनों ही इस प्रक्रिया में कहीं न कहीं जिम्मेदार हैं।
उन्होंने मतदाता की भूमिका पर भी टिप्पणी की और कहा कि वोट केवल अधिकार नहीं बल्कि जिम्मेदारी भी है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे नेताओं से उनके कार्यों और नीतियों पर स्पष्ट जवाब मांगें।
इस दौरान उन्होंने ऐतिहासिक और धार्मिक उदाहरणों के माध्यम से यह समझाने का प्रयास किया कि धर्म और नीति के आधार पर निर्णय लेना आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि समाज में जागरूकता और संगठन की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में शंकराचार्य ने आगामी 24 जुलाई 2026 को लखनऊ के कांशीराम स्मृति स्थल पर एक बड़े आयोजन की घोषणा की। उन्होंने इसे “धर्म-संकल्प और जनजागरण” का रूप देने की बात कही और दावा किया कि इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे।
इस अवसर पर उन्होंने गोप्रतिष्ठा यात्रा का भी उल्लेख किया, जो उत्तर प्रदेश की विभिन्न विधानसभाओं से होकर गुजर रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार द्वारा ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनसमूह ने गौ रक्षा के समर्थन में संकल्प लिया और धार्मिक नारे लगाए।
अमित कुमार पांडे |