बिन मांगी सलाह से क्यों चिढ़ती है Gen Z?
Gen Z के बीच बिना मांगी सलाह को लेकर एक अलग सोच देखने को मिल रही है। कई युवाओं को लगता है कि जब उन्होंने किसी से सलाह मांगी ही नहीं, तो बार-बार सुझाव देना उनकी निजी जिंदगी और फैसलों में दखल जैसा है। यह सोच सिर्फ सलाह तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्सनल स्पेस और अपनी पसंद से फैसले लेने की इच्छा से भी जुड़ी है।
एक सर्वे में युवाओं से पूछा गया कि जब वे परेशान होते हैं तो माता-पिता से उन्हें किस तरह का सपोर्ट चाहिए। 62% ने कहा कि वे चाहते हैं कि माता-पिता उनकी बात सुनें, जबकि सिर्फ 28% ने सलाह को प्राथमिकता दी। 56% युवाओं ने ऐसे समय में कुछ स्पेस की जरूरत भी बताई।
Gen Z के लिए इसका मतलब यह नहीं है कि उन्हें किसी की राय पसंद ही नहीं। बल्कि कई मामलों में वे चाहते हैं कि पहले उनकी बात सुनी जाए और उनकी स्थिति को समझा जाए। उसके बाद जरूरत महसूस हो तो सलाह दी जाए।
सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं में भी Gen Z के बारे में यह बात सामने आती है कि वे बातचीत से नहीं, बल्कि बनावटी या अनावश्यक बातचीत से दूरी बनाना पसंद करते हैं।