गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
व्योमेंद्र कुमार सिंह
लोकल न्यूज ऑफ इंडिया
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, शासन-प्रशासन की कार्यशैली भी राजनीतिक चर्चा का अहम मुद्दा बनती जा रही है। सरकार का जनसुनवाई-समाधान यानी IGRS पोर्टल नागरिकों को शिकायत दर्ज करने, उसकी स्थिति देखने, समयसीमा में कार्रवाई न होने पर रिमाइंडर भेजने और निस्तारण के बाद फीडबैक देने की सुविधा देता है।
लेकिन असली सवाल तब सामने आता है, जब पोर्टल पर शिकायत ‘निस्तारित’ दिखाई दे और शिकायतकर्ता के स्तर पर समस्या पूरी तरह खत्म न हुई हो।
सरकारी व्यवस्था में भी निस्तारण की गुणवत्ता पर फीडबैक को महत्व दिया गया है। आधिकारिक पोर्टल के मुताबिक, शिकायतकर्ता निस्तारण पर अपनी प्रतिक्रिया दे सकता है और असंतुष्ट फीडबैक मिलने पर उच्च अधिकारी संबंधित मामले को दोबारा जांच के लिए सक्रिय कर सकते हैं।