गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
अमरोहा: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले क्रिकेटर मोहम्मद शमी और राष्ट्रीय लोक दल के अध्यक्ष जयंत चौधरी की मुलाकात ने अमरोहा की राजनीति में चर्चाओं को तेज कर दिया है। जयंत चौधरी ने मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की, जिसके बाद शमी के राजनीतिक सफर को लेकर अटकलें शुरू हो गईं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या मोहम्मद शमी खुद अमरोहा सदर सीट से विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं? कुछ रिपोर्टों में RLD सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि शमी से खुद या उनके भाई के चुनाव लड़ने को लेकर बातचीत हुई है। हालांकि, दोनों पक्षों की ओर से इसकी औपचारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं एक फैक्ट-चेक रिपोर्ट ने भी चुनाव लड़ने के दावों को फिलहाल कयास बताया है।
इस बीच शमी के बड़े भाई हसीब अहमद का नाम भी चर्चा में है। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि अगर शमी खुद चुनाव नहीं लड़ते हैं तो उनके भाई को अमरोहा से मैदान में उतारने की संभावना पर चर्चा हो सकती है। हसीब के चुनाव लड़ने की चर्चाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं, लेकिन उनकी उम्मीदवारी की भी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
मोहम्मद शमी का अमरोहा से पुराना जुड़ाव है। ऐसे में जयंत चौधरी से उनकी मुलाकात को स्थानीय राजनीतिक संदर्भ में देखा जा रहा है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यह मुलाकात चुनावी बातचीत का हिस्सा थी या इसका कोई अन्य राजनीतिक उद्देश्य था।
अमरोहा विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी के महबूब अली लंबे समय से विधायक हैं। 2022 के चुनाव में उन्होंने भाजपा के राम सिंह को 71 हजार से ज्यादा मतों के अंतर से हराया था। ऐसे में शमी या उनके परिवार के किसी सदस्य की संभावित एंट्री से अमरोहा की चुनावी राजनीति में एक नया नाम जरूर चर्चा में आया है।
फिलहाल तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। शमी की जयंत चौधरी से मुलाकात तथ्य है, लेकिन चुनाव लड़ने या RLD में शामिल होने की बात अभी अटकलों के स्तर पर है। आने वाले दिनों में शमी या RLD की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने आता है तो स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।