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अमित शाह के UCC ऐलान के बाद NDA में सियासी खींचतान

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले NDA शासित सभी 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा।

By : Local News of India
अमित शाह के UCC ऐलान के बाद NDA में सियासी खींचतान

अमित शाह के UCC बयान के बाद NDA में सहयोगी दलों के अलग-अलग रुख को लेकर सियासी चर्चा तेज.

लोकल न्यूज ऑफ इंडिया

अदिति जैन

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समान नागरिक संहिता यानी UCC को लेकर दिए गए बयान के बाद NDA के भीतर सहयोगी दलों के अलग-अलग रुख सामने आए हैं। शाह ने कहा है कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले BJP-NDA शासित 21 राज्यों में UCC लागू किया जाएगा।

शाह के बयान के बाद तेलुगू देशम पार्टी यानी TDP और शिवसेना ने समर्थन का संकेत दिया है। TDP की ओर से कहा गया कि NDA सहयोगी होने के नाते वह गृह मंत्री के बयान के साथ है। वहीं महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने UCC के विचार को पार्टी की पुरानी सोच से जोड़ते हुए समर्थन जताया।

दूसरी ओर, बिहार की सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड यानी JDU ने इस मुद्दे पर सावधानीपूर्ण रुख अपनाया है। पार्टी का कहना है कि प्रस्तावित कानून के प्रावधानों का अध्ययन करने के बाद ही अंतिम राय बनाई जाएगी। JDU नेता संजय झा के अमित शाह से इस विषय पर बातचीत करने की भी जानकारी सामने आई है।

JDU का यह रुख खास तौर पर बिहार के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। रिपोर्टों के मुताबिक पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर UCC के विचार का समर्थन करने की बात कह चुकी है, लेकिन बिहार में इसके तत्काल लागू होने को लेकर उसने अलग रुख रखा है। इसी वजह से UCC को लेकर NDA के भीतर सहयोगी दलों की प्राथमिकताओं और राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा तेज हो गई है।

UCC के तहत विवाह, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे व्यक्तिगत कानूनों के लिए एक समान कानूनी ढांचा बनाने की बात की जाती है। इसके समर्थक इसे समान नागरिक अधिकारों से जोड़ते हैं, जबकि अलग-अलग दल और संगठन इसके प्रावधानों, धार्मिक स्वतंत्रता और स्थानीय परिस्थितियों को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। अभी प्रस्तावित कानून के अंतिम प्रावधानों पर सहयोगी दलों की चर्चाएं जारी हैं।

 

 

 

 

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