houthi-bab-al-mandeb-india-oil-trade-khatra

बाब-अल-मंदेब हूतियों के कब्जे में आया तो भारत पर क्या असर?

बाब-अल-मंदेब पर हूतियों का संभावित कब्जा वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। लाल सागर और स्वेज नहर से गुजरने वाले तेल एवं मालवाहक जहाजों पर इसका असर पड़ सकता है।

By : Local News of India
बाब-अल-मंदेब हूतियों के कब्जे में आया तो भारत पर क्या असर?

“बाब-अल-मंदेब पर हूतियों का बढ़ता प्रभाव, भारत के Oil Trade पर मंडराया खतरा”

लोकल न्यूज ऑफ इंडिया

अदिति जैन

लाल सागर और अरब सागर के बीच मौजूद बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है। यह रास्ता यूरोप, एशिया और मध्य पूर्व के बीच तेल और दूसरे सामान की आवाजाही के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में अगर हूती विद्रोहियों का इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर नियंत्रण बढ़ता है या जहाजों की आवाजाही बाधित होती है, तो इसका असर सिर्फ मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा।

भारत के लिए चिंता इसलिए बढ़ जाती है क्योंकि देश अपनी जरूरत के बड़े हिस्से का कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। लाल सागर और स्वेज नहर वाला समुद्री मार्ग बाधित होने पर तेल टैंकरों को लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ सकता है। इससे शिपिंग दूरी, बीमा और परिवहन लागत बढ़ सकती है और इसका दबाव कच्चे तेल की कीमतों पर भी पड़ सकता है।

हूती विद्रोहियों और इजरायल के बीच जारी तनाव के बीच लाल सागर में पहले भी व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसके कारण कई शिपिंग कंपनियों ने अफ्रीका के केप ऑफ गुड होप के रास्ते को प्राथमिकता दी, जिससे यात्रा में समय और लागत दोनों बढ़े।

भारत के लिए सबसे बड़ा सवाल ऑयल सप्लाई की सुरक्षा और कीमत को लेकर है। अगर लंबे समय तक समुद्री मार्ग प्रभावित रहता है, तो भारत की रिफाइनरियों के लिए कच्चे तेल की डिलीवरी महंगी हो सकती है। इसका अप्रत्यक्ष असर पेट्रोल-डीजल की कीमतों, माल ढुलाई और महंगाई पर भी पड़ सकता है।

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि बाब-अल-मंदेब में किसी भी व्यवधान से भारत की तेल सप्लाई तुरंत रुक जाएगी। भारत के पास अलग-अलग देशों से कच्चा तेल खरीदने और वैकल्पिक समुद्री मार्गों का इस्तेमाल करने की क्षमता है। लेकिन लंबे समय तक संकट रहने पर तेल की कीमत और लॉजिस्टिक्स लागत भारत के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।

यानी भारत से हजारों किलोमीटर दूर चल रहा यह संघर्ष समुद्र के रास्ते भारत की अर्थव्यवस्था तक पहुंच सकता है। अब नजर इस बात पर है कि बाब-अल-मंदेब में हूतियों का प्रभाव कितना बढ़ता है और वैश्विक शिपिंग कंपनियां इसका मुकाबला किस तरह करती हैं।

संबंधित सामग्री

ट्रंप के बयान के बीच सस्ता हुआ कच्चा तेल, Brent फिर $100 के नीचे; जानें क्या है वजह

ट्रंप के बयान के बीच सस्ता हुआ कच्चा तेल, Brent फिर $100 के नीचे; जानें क्या है वजह

अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत की उम्मीद और सऊदी अरब की तेल आपूर्ति बहाल होने के संकेतों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई है। Brent Crude 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया है

पंचायत सहायकों को बड़ी राहत, 50% बढ़ा मानदेय

पंचायत सहायकों को बड़ी राहत, 50% बढ़ा मानदेय

उत्तर प्रदेश सरकार ने पंचायत सहायकों के मानदेय में 50% की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। अब पंचायत सहायकों को हर महीने ₹6,000 की जगह ₹9,000 मानदेय मिलेगा।

उपचुनाव को शुभेंदु ने बताया मुस्लिमों का ‘टेस्ट’, बोले- साबित करें

उपचुनाव को शुभेंदु ने बताया मुस्लिमों का ‘टेस्ट’, बोले- साबित करें

पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम और रेजिनगर विधानसभा उपचुनाव को लेकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अल्पसंख्यक मतदाताओं से सरकार के साथ खड़े होने की अपील की।

अमित शाह के UCC ऐलान के बाद NDA में सियासी खींचतान

अमित शाह के UCC ऐलान के बाद NDA में सियासी खींचतान

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले NDA शासित सभी 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा।

पाकिस्तानी जहाज की भारतीय वॉरशिप से भिड़ंत, भारत सख्त

पाकिस्तानी जहाज की भारतीय वॉरशिप से भिड़ंत, भारत सख्त

भारतीय युद्धपोत से पाकिस्तानी नौसेना के जहाज की टक्कर के मामले में भारत ने कड़ा विरोध जताया है। घटना को लेकर पाकिस्तान के हाई कमिश्नर को बुलाकर आपत्ति दर्ज कराई गई।