UP Flood Crisis: चित्रकूट, प्रयागराज और वाराणसी जलमग्न! Religious Tourism के दावों पर सवाल
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उत्तर प्रदेश में जब धार्मिक पर्यटन की बात होती है तो सबसे पहले चार बड़े नाम सामने आते हैं—**अयोध्या, चित्रकूट, प्रयागराज और वाराणसी... लेकिन अयोध्या को छोड़कर के ऐसा लगता है कि प्रयागराज, चित्रकूट और वाराणसी को लावारिस छोड़ दिया गया है...क्योंकि बारिश के मौसम में चित्रकूट प्रयागराज और वाराणसी में जहां पर करोड़ों रुपए खर्च होते हैं पानी की निय नक्काशी से लेकर के तमाम तरह की नक्काशियों में....लेकिन हालात ये हैं कि तीनों के तीनों इस वक्त जलमग्न है और इसीलिए प्रदेश के तमाम कामकाज और तमाम विकास के दावे इन्हीं बाढ़ के मौके पर बहते हुए नजर आ रहे हैं....जिन शहरों को धार्मिक पर्यटन का बड़ा केंद्र बनाने के लिए करोड़ों-अरबों रुपये की परियोजनाएं चलाई गईं…जहां घाटों का सौंदर्यीकरण हुआ…जहां रिवर फ्रंट और पर्यटन सुविधाओं के विकास के दावे किए गए…आज उन्हीं जगहों पर पानी जिंदगी और आस्था दोनों के सामने चुनौती बनकर खड़ा है...
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