सोनभद्र के रवि सिंह ने भारत के लिए जीता स्वर्ण पदक, 10 देशों के बीच लहराया तिरंगा

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सोनभद्र के रवि सिंह ने भारत के लिए जीता स्वर्ण पदक, 10 देशों के बीच लहराया तिरंगा

अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में नेपाल, संयुक्त राज्य अमेरिका (USA), भारत, बांग्लादेश, दक्षिण कोरिया, मालदीव, ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), मलेशिया और थाईलैंड सहित कुल 10 देशों के खिलाड़ियों ने भ

सोनभद्र के रवि सिंह ने भारत के लिए जीता स्वर्ण पदक 10 देशों के बीच लहराया तिरंगा

Ravi Singh | San

सन्तोष दयाल
लोकल न्यूज़ आफ इण्डिया
म्योरपुर
.रेणुकूट नगर और जिला सोनभद्र के लिए यह अत्यंत गौरव का विषय है कि हिण्डालको इंडस्ट्रीज लिमिटेड, रेणुकूट के ब्वायलर को-जनरेशन विभाग में कार्यरत रवि सिंह पुत्र महामाया प्रसाद सिंह ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) जीतकर देश, प्रदेश और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उन्होंने 15वीं इंटरनेशनल ओपन फ्रेंडशिप ताइक्वांडो चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व किया। यह प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता 18 से 20 दिसंबर 2025 तक नेशनल स्पोर्ट्स काउंसिल कवरड हॉल, काठमांडू (नेपाल) में आयोजित हुई। इस अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में नेपाल, संयुक्त राज्य अमेरिका (USA), भारत, बांग्लादेश, दक्षिण कोरिया, मालदीव, ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), मलेशिया और थाईलैंड सहित कुल 10 देशों के खिलाड़ियों ने भाग लिया प्रतियोगिता में लगभग 1500 से अधिक खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच रवि सिंह ने उत्कृष्ट खेल कौशल, अनुशासन और मेहनत का परिचय देते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उनकी इस उपलब्धि पर उन्हें नेपाल सरकार के माननीय युवा एवं खेल मंत्रालय के मंत्री द्वारा स्वयं पदक पहनाकर सम्मानित किया गया और बधाई दी गई, जो उनके लिए और भारत के लिए विशेष सम्मान की बात है। रवि सिंह की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से हिण्डालको परिवार, रेणुकूट नगर और पूरे सोनभद्र जिले में खुशी और गर्व का माहौल है। सहकर्मियों, खेल प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों ने उन्हें बधाइयाँ दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अपनी सफलता का श्रेय रवि सिंह ने अपने माता-पिता, गुरुजनों और अपनी निरंतर मेहनत व अनुशासन को दिया। उन्होंने कहा कि यह पदक न केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान है, बल्कि उनके शहर रेणुकूट, हिण्डालको कंपनी, उत्तर प्रदेश और भारत देश की उपलब्धि है। रवि सिंह की यह सफलता युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और यह साबित करती है कि कठिन परिश्रम और समर्पण से अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी भारत का परचम लहराया जा सकता है।

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