अंजली गुप्ता
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
कोलकाता, 25 फरवरी। Election Commission of India ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर अहम संकेत दिए हैं। आयोग के अनुसार, यदि Supreme Court of India के निर्देशों का पालन सुनिश्चित हो, तो अंतिम और पूर्ण मतदाता सूची प्रकाशित होने से पहले भी चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की जा सकती है।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि नामांकन की अंतिम तिथि तक प्रकाशित सभी मतदाता सूचियां चुनाव प्रक्रिया के लिए वैध मानी जाएंगी। यदि मतदाता सूची चरणबद्ध तरीके से जारी हो रही हो, तब भी उपलब्ध सूचियों के आधार पर चुनाव संपन्न कराए जा सकते हैं।
राज्य में अब तक प्रारूप सूची से 58 लाख से अधिक नाम हटाए जा चुके हैं। हालांकि अंतिम सूची शुक्रवार को जारी होनी है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि हटाए गए नामों का समेकित आंकड़ा तुरंत उपलब्ध कराना संभव नहीं है। उच्चतम न्यायालय के निर्देश के अनुसार 28 फरवरी के बाद भी आयोग चरणबद्ध तरीके से सूचियां प्रकाशित कर सकता है, जिन्हें अंतिम सूची का हिस्सा माना जाएगा।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मतदाता सूची का प्रकाशन और चुनाव कार्यक्रम की घोषणा—दोनों प्रक्रियाएं समानांतर रूप से चल सकती हैं। अंतिम सूची का इंतजार करना अनिवार्य नहीं है।
वहीं, मतदाता सूची में संशोधनों और सत्यापन प्रक्रिया के चलते नए मतदान केंद्रों के पुनर्गठन की योजना प्रभावित हुई है। पहले जहां 1200 से अधिक मतदाताओं वाले क्षेत्रों में नए बूथ बनाने की योजना थी, वहीं अब संकेत हैं कि इस चुनाव में नए बूथों की संख्या सीमित रह सकती है।
फिलहाल राज्य में 80,681 मतदान केंद्र यथावत रहेंगे। अधिकारियों के अनुसार, परिस्थितियों को देखते हुए पुराने बूथ ढांचे को ही बनाए रखने की संभावना अधिक है।