गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
दुनिया की आर्थिक ताकतों की रैंकिंग में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। AI और सेमीकंडक्टर सेक्टर में तेज उछाल के दम पर ताइवान ने भारत को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा शेयर बाजार बनने का दावा मजबूत कर लिया है। Bloomberg और अंतरराष्ट्रीय बाजार आंकड़ों के मुताबिक ताइवान का कुल मार्केट कैप लगभग 4.95 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गया, जबकि भारत करीब 4.92 ट्रिलियन डॉलर पर फिसल गया।
विशेषज्ञों के मुताबिक इस तेजी की सबसे बड़ी वजह दुनिया की दिग्गज चिप कंपनी TSMC रही, जिसने AI बूम का सबसे ज्यादा फायदा उठाया। Nvidia, AMD और Apple जैसी कंपनियों की बढ़ती AI चिप डिमांड ने ताइवान की टेक इंडस्ट्री को जबरदस्त गति दी है। Reuters की रिपोर्ट के अनुसार Nvidia अब ताइवान में हर साल करीब 150 अरब डॉलर निवेश की तैयारी कर रही है।
दूसरी तरफ भारतीय बाजार इस साल दबाव में दिखाई दिए। विदेशी निवेशकों की बिकवाली, कमजोर कमाई ग्रोथ और AI सेक्टर में सीमित अवसरों की वजह से भारतीय शेयर बाजार पिछड़ता नजर आया। Reuters के मुताबिक 2026 में अब तक भारतीय बाजार से अरबों डॉलर का विदेशी निवेश बाहर निकला है।
ताइवान की अर्थव्यवस्था को लेकर एक और बड़ा संकेत तब मिला जब वहां की GDP ग्रोथ 39 साल के उच्च स्तर पर पहुंच गई। AI डिमांड के कारण उसके निर्यात में भारी उछाल आया है और चिप निर्माण में उसकी पकड़ लगातार मजबूत हो रही है।
हालांकि भारतीय बाजार नियामक SEBI का कहना है कि भारत की अर्थव्यवस्था ज्यादा diversified है और सिर्फ एक सेक्टर पर निर्भर नहीं है। लेकिन एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अगर भारत को भविष्य की टेक इकॉनमी में मजबूत बने रहना है तो सेमीकंडक्टर, AI और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में तेज निवेश करना होगा।